बीजापुर के 300 घर ,तेलंगाना की बिजली से रोशन हो रहे सरकार भरती है बिल; माह में 35 हजार यूनिट की खपत
छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर में बसे धुर नक्सल प्रभावित पामेड़ इलाके में तीन सौ घर तेलंगाना की बिजली से जगमगा रहे हैं। यहां फाल्ट सुधारने के लिए लाइनमेन और हेल्पर भी नियुक्त किया गया है। इस गांव में पहली बार 23 जुलाई 2020 को बिजली आई थी।बीजापुर जिला मुख्यालय से करीब 210 किलोमीटर दूर तेलंगाना सीमा से लगा हुआ छत्तीसगढ़ का एक गांव पामेड़ है। पामेड़ गांव में 23 जुलाई 2020 को पहली बार बिजली आई थी। पावर सप्लाई तेलंगाना राज्य से खरीदकर छत्तीसगढ़ के पामेड़ को दी गई। अब पामेड़ इलाके के तकरीबन 300 परिवारों को मुफ्त बिजली देने मे सफलता मिली है। यहां के गांव अब रात में बिजली की रोशनी से जगमगाने लगे हैं। तेलंगाना राज्य के चेरला तिपापुरम सब-स्टेशन से 11केवी फीडर से पामेड़ गांव में बिजली आपूर्ति की जा रही है। पहली बार 23 जुलाई 2020 को इस गांव में बिजली की रोशनी आई। पामेड़ के पास के अन्य गांव तोंगगुड़ा और टेकलेयर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव रहा है। यहां तक कि बिजली भी नहीं पहुंची थी, लेकिन अब जाकर सरकार ने अंधकार मिटाने के प्रयास शुरू किया है। इसको लेकर दोनों राज्यों कि पहल व बातचीत के बाद पामेड़ गांव बिजली से रोशन हो गया है। तेलंगाना तिपापुरम से पामेड़ की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। पामेड़ इलाके में कुल तीन सौ कनेक्शन हैं। गांव कि आबादी के हिसाब से दो आंगनबाड़ी, दो स्कूल, दो आश्रम शालाएं, छह पुलिस कैंप, तीन मोबाइल टावर और तीन अस्पताल कि सुविधाएं संचालित हो रही हैं। धीरे-धीरे गांव को सर्व सुविधा युक्त बनाने सरकार प्रयास कर रही है। गांव कि हालत पहले से सही होती जा रही है।महीने मे 35 हजार यूनिट कि खपतबिजली से रोशन हुए इस गांव में हर माह लगभग 35 हजार यूनिट बिजली की खपत हो रही है। इसके लिए सरकार को महीने में लगभग सात लाख का भार आ रहा है। ग्रामीणों को मुफ्त मे बिजली देकर राज्य सरकार हर माह तेलंगाना राज्य विद्युत मंडल को सात से आठ लाख का भुगतान कर रही है। इधर बिजली आते ही लोग खुश हो गए और गांव का अंधकार दूर हो गया।फाल्ट सुधार के लिए लाइनमेन और हेल्पर भी हैं नियुक्तपामेड़ इलाके मे विद्युत विभाग नें लाइनमेन और हेल्पर कि नियुक्ति भी की गई है। कर्मचारी हमेशा उसी गांव में रहते हैं। लाइन मे कोई फाल्ट होने पर तत्काल सुधार का कार्य किया जाता है। नक्स्ल प्रभावित पामेड़ गांव में सरकारी बिजली से रोशन हुआ है। यहां अब तक बिजली नहीं आई थी।
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बिजली देने के साथ ही विद्युत विभाग ने यहां कर्मचारियों की नियुक्ति की है।क्या कहते हैं अधिकारीबीजापुर सीएसईबी के ईई डी.आर.उर्वसा ने बताया कि हम अभी तेलंगाना से बिजली ले रहे हैं, लेकिन बहुत जल्द तर्रेंम-चिन्नगेलूर होते हुए छुटवाई-कोंडापल्ली से धर्माराम पामेड़ के लिए लाइन बिछानी जानी हैं। यह सब स्वीकृति है, जिससे जिला मुख्यालय से दूरी भी कम हो जाएगी। पामेड़ में 33 केवी सब-स्टेशन का भी प्रस्ताव बना है।