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असम उत्तराखंड कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के बाद अब महाराष्ट्र में भी बारिश तबाही मचा रही है। राज्य के मुंबई और पुणे में हो रही लगातार बारिश से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। IMD द्वारा रेड अलर्ट जारी होने के बाद पुणे और मुंबई के सभी स्कूलों को बंद करने का एलान किया गया है। कक्षा 12वीं तक सभी स्कूल 9 जुलाई को बंद रहेंगे।

महाराष्ट्र, असम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत भारत के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। मानसून की बारिश के कारण मुंबई और पुणे की सड़कों पर जलभराव हो गया है। रेलवे ट्रैक में पानी भर जाने के कारण ट्रेन 1 घंटे की देरी से चल रही है।

कक्षा 12वीं तक आज सभी स्कूल बंद

मौसम विभाग ने मंगलवार (9 जुलाई) को भी लगातार भारी वर्षा के बाद मुंबई में उच्च ज्वार की चेतावनी जारी की है। इस रेड अलर्ट के बाद मुंबई और पुणे के सभी स्कूलों को बंद करने का एलान किया गया है। कक्षा 12 तक के सभी स्कूल मंगलवार, 9 जुलाई को बंद रहेंगे। ये फैसला किसी भी अप्रिय घटना और आपात स्थिति को देखते हुए लिया गया है।

परीक्षाएं भी हुई स्थगित

बता दें कि आज मुंबई विश्वविद्यालय में परीक्षाएं आयोजित होने वाली थी जिसे अब स्थगित कर दिया गया हैं। जल्द ही परीक्षाओं की नई तारीख की घोषणा की जाएगी। मुंबई, मुंबई उपनगरों, ठाणे, रायगढ़, पालघर, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भारी बारिश के पूर्वानुमान के कारण ये फैसला लिया गया।

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इसके अलावा मुंबई में हो रही लगातार बारिश के कारण फास्ट और स्लो दोनों लोकल ट्रेनें देरी से चल रही हैं।सेंट्रल रेलवे, सीपीआरओ ने बताया कि हार्बर लाइन की लोकल ट्रेनें अब लगभग समय पर चल रही हैं। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी), मुंबई ने सोमवार को मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आरएमसी ने पुणे और सतारा के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने 12 जुलाई तक मुंबई में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।कर्नाटक में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। IMD द्वारा रेड अलर्ट जारी होने के बाद दक्षिण कन्नड़ जिला प्रशासन ने भी सभी स्कूलों को आज के लिए बंद करने का एलान किया है। कक्षा 12वीं तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।

असम में भी बारिश के बाद बाढ़ से तबाही मच गई है। लोगों का जीवन पूरा अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के कारण लगभग 28 जिलों की करीब 23 लाख आबादी प्रभावित हुई है। अधिकत्तर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। बता दें कि असम में बाढ़ के कारण काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में अब तक छह गैंडों सहित 131 जंगली जानवरों की मौत हो चुकी है।

उत्तराखंड में जलभराव

उत्तराखंड में मानसून की एंट्री होते ही भारी वर्षा का दौर जारी है। 27 जून को मानसून उत्तराखंड पहुंचने के बाद जुलाई की शुरुआत में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई है। सोमवार को चमोली में हनुमान चट्टी के पास लगातार बारिश के बाद हुए भूस्खलन के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भारी चट्टान गिरने से उत्खनन मशीन क्षतिग्रस्त हो गया।

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